Bending Stress

What is called simple bending of beam?

बीम का शुद्ध बेन्डिंग से क्या मतलब है?

पिछले लेखों में हमने bending moment और बीम के विभिन्न प्रकार के लोडिंग के बारे में चर्चा की है। बीम में विकसित stress, लोडिंग के प्रकार पर निर्भर करता है। लोडिंग की एक विशेष स्थिति में, सरल बेन्डिंग ( Simple bending ) या शुद्ध बेन्डिंग ( pure bending ), होता है जिसमें beam section में केवल bending stress प्रेरित होता है और अन्य प्रकार के प्रतिबल जैसे longitudinal stress, अपरूपण प्रतिबल ( shear stress ) या tangential stress आदि अनुपस्थित होते हैं।

शुद्ध बेन्डिंग प्रतिबल ( simple bending stress ) तभी उत्पन्न होता है जब बीम, स्थिर बेन्डिंग मोमेंट ( constant bending moment ) से लदा होता है और कोई अन्य अपरूपण बल ( shear force ) नहीं लगता है। बीम के स्वयं के भार ( self weight ) के कारण, वास्तविक परिस्थितियों में सरल बेन्डिंग की स्थिति को प्राप्त करना मुश्किल होता है। प्रत्येक बीम का अपना भार होता है जो बीम खंड में अपरूपण प्रतिबल ( shear stress ) उत्पन्न कर देता है।

इसलिए, बेन्डिंग प्रतिबल ( bending stress ) से सम्बंधित संख्यात्मक समस्याओं के हल को सरल बनाने के लिए बीम को भारहीन मान लिया जाता है।


Neutral layer

तटस्थ परत

चित्र में दिखाए गए एक simply supported beam के दो खंड AB और CD के बिच एक छोटे से अंश ( dx ) पर विचार करें जो एक sagging bending moment ( M ) के अधीन है।

बेन्डिंग मोमेंट के प्रभाव से यह आकार में मुड़ जाता है। बीम के मुड़ने से पहले दोनों खंड, बीम के अनुदैर्ध्य अक्ष RS के लंबवत थे। साथ ही, बीम की परतें AC और BD भी RS अक्ष के समानांतर थे और उनकी लंबाई भी समान थी, जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।

इसलिए, लंबाई \quad ( AC ) = ( BD ) = ( RS )

चित्र से यह स्पष्ट है कि ऊपरी परत, AC को compression और निचली परत BD को tension का सामना करना पड़ा है। अतः ऊपरी परत compress होकर A'C' और निचली परत elongated होकर B'D' तक बढ़ गयी है।

BEAM UNDER SIMPLE BENDING MOMENT
100601 BEAM UNDER SIMPLE BENDING MOMENT

यह स्पष्ट है कि, AC और BD परतों के बीच RS एक ऐसी परत होगी जो न तो संकुचित हुई है और न ही प्रसारित हुई है। इस परत को तटस्थ परत ( neutral layer ) कहते हैं।

तटस्थ परत ( Neutral layer ) के ऊपर के सभी परतों को संपीडन ( compression ) का सामना करना पड़ता है और इसके नीचे की सभी परतों को खिंचाव ( elongation ) भुगतना पड़ता है। तटस्थ परत RS विकृत होकर R'S' हो जाती है परन्तु इसकी लंबाई में कोई बदलाव नहीं आता है, जैसा की चित्र में दिखाया गया है।

अतः \quad ( RS ) = ( R'S' )

  • तटस्थ परत, साधारणतः बीम खंड के द्रव्यमान केंद्र ( centre of mass ) से होकर गुजरती है।
SAGGING OF A BEAM
100602 SAGGING OF A BEAM

Bending stress

बेन्डिंग स्ट्रेस

किसी बीम में  स्थिर बेन्डिंग मोमेंट ( constant bending moment ) के प्रभाव से उत्पन्न  प्रतिबल ( stress ) को बेन्डिंग प्रतिबल ( bending stress ) कहते हैं।

चित्र में दिखाए गए एक सिम्पली सपोर्टेड बीम ( simply supported beam ) के दो खंड ( AB ) और ( CD ) के बिच एक छोटे से अंश ( dx ) पर विचार करें जो एक घनात्मक बेन्डिंग मोमेंट ( sagging bending moment ) ( M ) के अधीन है।

बेन्डिंग मोमेंट ( M ) के प्रभाव से बीम एक वक्र में मुड़ता है। चूंकि लंबाई ( dx ) बहुत छोटी है, इसलिए बेन्डिंग की वक्रता को एक circular arc माना जा सकता है।

माना कि बेन्डिंग की वक्रता की त्रिज्या ( R ) है और इसका केंद्र ( O ) है।

बीम की परत AC \ \text {और} \ BD मुड़कर क्रमशः A'C' \ \text {और} \ B'D' में विकृत हो गई है। एक अन्य परत PQ पर विचार करें जो तटस्थ परत RS से ( y ) की दूरी पर स्थित है।

मुड़ने से पहले सभी परतें जैसे AC, \ BD, \ RS \ \text {और} \ PQ समान लंबाई के होते हैं। बीम के मुड़ने के कारण, परत AC संकुचित और परत BD लंबी हो गई है परन्तु परत RS की लंबाई अपरिवर्तित है।

CONCEPT OF BENDING STRESS
100603 CONCEPT OF BENDING STRESS

मान लें कि, परत PQ कि लम्बाई ( \delta l ) के मान से संकुचित हुई है।

तब \quad \delta l = ( PQ - P'Q' )

इसलिए, इस परत पर का तनाव ( Strain ) इस प्रकार होगा –

e = \left ( \frac {\delta l}{l} \right ) = \left ( \frac {PQ - P'Q'}{PQ} \right )

विकृत बीम की ज्यामिति से हम पाते हैं कि ( OP'Q' ) और ( OR'S' ) दोनों संकेंद्रित वृत्तों के त्रिज्यखंड ( sector ) हैं जिनकी त्रिज्या क्रमशः ( R - y ) और ( R ) हैं। यह भी स्पष्ट है कि त्रिज्यखंडो का केंद्र O पर का कोण ( \theta ) है।

SAGGING OF BEAM
100604 SAGGING OF BEAM

इसलिए, खंड ( OP'Q' ) और ( OR'S' ) समरूप हैं।

अतः \quad \left ( \frac {P'Q'}{R'S'} \right ) = \left ( \frac {R - y}{R} \right )

अथवा \quad \left [ 1 - \left ( \frac {P'Q'}{R'S'} \right ) \right ] = \left [ 1 - \left ( \frac {R - y}{R} \right ) \right ]

या, \quad \left [ \frac {R'S' - P'Q'}{R'S'} \right ] = \left [ \frac {( R - R + y )}{R} \right ]

= \left ( \frac {y}{R} \right )

चुकी ( RS ) एक तटस्थ परत है, इसलिए ( R'S' ) = ( RS )

और बीम के मुड़ने से पहले ( RS ) = ( PQ )

अतः \quad \left ( \frac {R'S' - P'Q'}{R'S'} \right ) = \left ( \frac {PQ - P'Q'}{PQ} \right )

या, \quad \left ( \frac {PQ - P'Q'}{PQ} \right ) = \left ( \frac {y}{R} \right )

अर्थात, तनाव ( strain ) \quad e = \left ( \frac {y}{R} \right )

इसलिए, किसी परत में उत्पन्न  strain ( e ) , neutral layer से उस परत  कि दुरी ( y ) पर निर्भर करता है। 

हम जानते हैं कि –

\text {प्रतिबल (stress)} = \text {तनाव (strain)} \ \times \ \text {लचिलाता (elasticity)}

अतः \quad f = ( e \times E )

= \left [ \left ( \frac {y}{R} \right ) \times E \right ]

= \left [ y \times \left ( \frac {E}{R} \right ) \right ]

इसलिए \quad \left ( \frac {f}{y} \right ) = \left ( \frac {E}{R} \right )

इसे, बेन्डिंग स्ट्रेस समीकरण ( Equation for Bending Stress ) के नाम से जाना जाता है।

चुकी ( E ) और ( R ) नियतांक होते हैं, इसलिए किसी परत का  bending stress ( f ) , neutral layer से उस परत की दुरी  ( y ) का समानुपाती होता है।

अतः \quad f \propto y


Neutral axis

तटस्थ अक्ष

किसी बीम के किसी  normal cross section के साथ neutral layer के प्रतिच्छेदन की रेखा ( line of intersection ) को तटस्थ अक्ष ( neutral axis ) के नाम से जाना जाता है।

चित्र में दिखाए आयताकार अनुप्रस्थ काट ( rectangular cross section ) वाले किसी बीम पर विचार करें। मान लें कि NS खंड का तटस्थ अक्ष है।

अब \left ( \delta a \right ) क्षेत्र वाले एक छोटी परत PQ पर विचार करें जिसकी दूरी तटस्थ अक्ष से \left ( y \right ) है।

NEUTRAL AXIS
100605 NEUTRAL AXIS

इस परत पर bending stress की तीव्रता इस प्रकार होगी –

f = y \left ( \frac {E}{R} \right )

इसलिए, परत PQ के द्वारा प्रदान किया गया कुल resistance इस प्रकार होगा –

\text {प्रतिरोध} = \text {प्रतिबल} \ \times \ \text {क्षेत्र}

अतः \quad \text {प्रतिरोध} = ( f \times \delta a )

= \left [ y \left ( \frac {E}{R} \right ) \delta a \right ]

चूंकि, बीम संतुलन में है, इसलिए पूरे खंड ( तटस्थ अक्ष के ऊपर और नीचे ) पर कुल प्रतिरोध का योग शून्य होना चाहिए।

अतः \quad \sum { \left [ y \left ( \frac {E}{R} \right ) \delta a \right ]} = 0

या, \quad \sum { \left [ \left ( \frac {E}{R} \right ) \left ( y \delta a \right ) \right ]} = 0

परन्तु, \left ( \frac {E}{R} \right ) एक नियतांक है।

इसलिए \quad \sum { (y \delta a ) } = 0

लेकिन, ( y \delta a ) क्षेत्र ( \delta a ) के तटस्थ अक्ष पर के आघूर्ण का प्रतिनिधित्व करता है। और ( \sum y \delta a ) तटस्थ अक्ष पर खंड के पूरे क्षेत्र के आघूर्ण का प्रतिनिधित्व करता है।

इससे, यह निष्कर्ष निकलता है कि, neutral axis कि स्थिति इस प्रकार होती है जिससे इस अक्ष पर खंड के पूरे क्षेत्र का moment शून्य के बराबर हो जाए। इस प्रकार कि स्थिति खंड के केन्द्रक ( centroid ) के साथ ही सत्य होगी।

अतः किसी बीम सेक्शन का तटस्थ अक्ष ( neutral axis ) उस  centroid या गुरुत्व केंद्र ( centre of gravity ) से होकर गुजरता है।


इस विषय पर आधारित संख्यात्मक प्रश्न देखें –